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मैं इतिहास गढता रहूंगा

Anonymous User

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैं इतिहास गढता रहूंगा
        
                                                    
                            

तूफानों से नहीं डरूंगा अपनी धुन में बढ़ता रहूंगा
मंजिल खुद आकर बोलेगी मैं इतिहास गढता रहूंगा

रुकना नहीं है मुझको थकना भी नहीं है
दुनिया क्या कहती है उसकी परवाह भी नहीं है
अपनी धुन में आगे चलता रहूंगा
मंजिल खुद आकर बोलेगी मैं इतिहास गढता रहूंगा

यह आलम की रफ्तार है कोई पकड़ नहीं सकता
धीमी है यह चाल पर जमाने का फर्क नहीं पड़ता
सो गए हैं रास्ते में आंधियों से लड़ता रहूंगा
मंजिल खुद आकर बोलेगी मैं इतिहास गढता रहूंगा

यह जुनून नहीं राम नाम की लगन है
यह फितूर नहीं आलम की जीत का जश्न है
तेरी संगीन राहें संवारता रहु़गां
मंजिल खुद आकर बोलेगी मैं इतिहास गढता रहूंगा

 
एक महीने पहले
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Manju Sharma

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