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हिन्दी शीर्षक- अनुपस्थिती

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Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जहाँ हजार कोशिश के बाद भी आपको समझा न जाए,
        
                                                    
                            
वहाँ अपनी खामोशी से, अपनी अनुपस्थिति दीजिए।
जहाँ आपकी बातों का कोई मोल ही न रहे,
वहाँ चुपचाप अपनी गैरमौजूदगी दर्ज कीजिए।
जहाँ गलती कोई और करे और इल्जाम आप पर मढ़ा जाए,
बिगड़ते हुए हालातों की हर सजा आपको सुनाई जाए,
जहाँ हर शख्स अब आपको झूठा नजर आने लगे,
वहाँ खुद को बेकसूर साबित करने से बेहतर है,
अपनी अनुपस्थिति दीजिए।
जहाँ अपने ही अपनों से अपनी बातें छिपाने लगें,
मुखौटे पहनकर हर रिश्ता निभाने लगें,
जहाँ बातचीत के नाम पर बस एक खामोश सा रिश्ता बचा हो,
जहाँ दिलों के फासलों के बीच बस दिखावे का पर्दा पड़ा हो,
वहाँ अब खुद को रोककर, अपनी अनुपस्थिति दीजिए।
जहाँ अपनों के बीच भी सिर्फ समझौते गढ़े जाएं,
जहाँ हर बात पर आपके वजूद पर सवाल उठाए जाएं,
जहाँ सालों-साल बस एकतरफा रिश्ता निभाया जाए,
वहाँ अब एक कदम पीछे हटकर, अपनी अनुपस्थिति दीजिए।
जहाँ आपकी मेहनत और त्याग को नजरअंदाज किया जाए,
जहाँ आपके आंसुओं की कोई कीमत न आंकी जाए,
जहाँ महफिलों में आपकी उपस्थिति बोझ बन जाए,
वहाँ बिना किसी शिकवे के, अपनी अनुपस्थिति दीजिए।
क्योंकि खुद को खोकर किसी को पाना फज़ूल है,
जहाँ इज्जत न मिले, वहाँ जाना ही कबूल है?
खुद के स्वाभिमान को सबसे ऊपर रख लीजिए,
जहाँ कदर न हो, वहाँ अपनी अनुपस्थिति दीजिए।
-दीपिका रावल
20 घंटे पहले
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