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ढलती हुई उम्र में खास यादो के पत्ते पकते

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ढलती हुई उम्र में खास यादो के पत्ते पकते।
        
                                                    
                            
इनके संग अपनी तमन्ना से मुलाकात करते।।

चलो चंद खुशियो को संवारने की कोशिश में।
हिम्मत के सगुनियों से सूखी मुलाकात करते।।

ख्वाहिशों का सार पल्लू में बाँध रखा 'उपदेश'।
अब उसकी गाँठ खोलकर उन्हें आजाद करते।।

थोड़ी बात उनकी भी की जाए जो छूटे पीछे।
मौका निकाल कर उनसे सबाल जबाव करते।।

मोहब्बत ज़ालिम जाती नही दिल के अन्दर से।
उन्हें भी समझ आये तो उनसे थोड़ा प्यार करते।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
5 घंटे पहले
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