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कोई पोंछने वाला नही

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आप से दूर हूँ आँसुओं का क़ुसूर नही।
        
                                                    
                            
आँसू तो बहेंगे कोई पोंछने वाला नही।।

जो सोचा नही वही मंजर नजर आया।
लाख मिन्नतों के बाद रुकने वाला नही।।

मोहब्बत के दौर में हिकमत नही आई।
ज़माना साथ कोई सम्हालने वाला नही।।

जिंदगी पहाड़ जैसी जिम्मेदारियाँ बड़ी।
ढल रहा दिन वह दिन आने वाला नही।।

काटनी पड़ेगी उम्र हकीकत के सफर में।
वक्त पर 'उपदेश' राह दिखाने वाला नही।।
- उपदेश कुमार शाक्यावार 'उपदेश'
 
23 घंटे पहले
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