विज्ञापन

बादलों में तस्वीर बनाना ही मेरा काम।।

Updesh Kumar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मैंने देखा है बादलो के ऊपर आसमान।
        
                                                    
                            
बादलों में तस्वीर बनाना ही मेरा काम।।

तुम हकीकत रही अब तो हसरत मेरी।
ख्वाब में मिलती हो यही अच्छा ईनाम।।

तुम्हें पता होगा मेरी जिन्दगी का उसूल।
दोस्त हो नही 'उपदेश' बढ़ा रहे हो दाम।।

वक्त भर देता ज़ख्म अगर मरहम होते।
आराम से तुम्हें मलते दिखता अन्जाम।।
- उपदेश कुमार शाक्यवार 'उपदेश'
 
एक महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all