विज्ञापन

कुछ तो है जो छिपा रहे हो

Trip019

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो,
        
                                                    
                            
कुछ तो है जो छिपा रहे हो..
बन जायेंगे जहर, पीते-पीते
ये अश्क जो यूं पिए जा रहे हो!

- हिमांशु त्रिपाठी 
3 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Updesh Kumar

12470 कविताएं

View Profile

Ramesh Raj

25 कविताएं

View Profile