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बर्ताव

Suryansh Reetma

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            कुछ लोग हमारे प्रति ऐसा बर्ताव करते हैं,
        
                                                    
                            
जैसे घर में पड़ी वह कील—
जिसे संभालकर तो रखा जाता है,
मगर ज़रूरत पर ठोकर मारने के लिए
-सूर्यांश रीतम
11 घंटे पहले
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