विज्ञापन

सीजफायर

Surya Mani

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            सीजफायर जल्दबाजी क्यों लग रही है
        
                                                    
                            
खुद से खुद की नाराजी क्यों लग रही है
जीत की खुशी है पर कुछ गम सा है
सिंदूर बारूद तो बना पर कुछ कम सा है
जीते हैं हम, खुद को जता भी दिया,
अब भारत जबाब देता है जबरदस्त
इतना तो दुनिया को बता भी दिया
नया हिसाब चुकता मगर पुराना उधार रहा
गुलाम मेरा कश्मीर कब आजाद होगा,
मेरे वतन को फिर ये आसार रहा
ट्रंप हो या चीन हो बीच में कोई भी आया है
इतना तो सच है ही कि पाक घबराया है
भारत रुक गया मगर काम अभी बाकी है,
नजारे का इंतजार रहेगा, सिंदूर एक झांकी है
पक्ष और विपक्ष सब का खून खौला है
मेरे सैनिकों के शौर्य से पाक नापाक डोला है
चीन की pl 15 और एच क्यू नाइन फुलझड़ियां |
पाकिस्तान के किसी काम नहीं आयी
चीन के रक्षा व्यापार को भी धक्का लगा
लट्ठ एक चला मगर चोट दोनों ने खायी
पाक बाज नही आयेगा पूरा विश्वास है,
मोदी हो या योगी आयें भविष्य से अभी आस है
सिंधु रूके या न रुके गुलाम कश्मीर की ही प्यास है
देश के वीर जवान और मेरा वतन पल अभिमान है
शांति चाहकर भी शौर्य अदम्य, मेरा भारत महान है ||
-सूर्य
एक वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ramesh Raj

25 कविताएं

View Profile

Junaid Ahmad

5 कविताएं

View Profile

Sooba Lal

1 कविता

View Profile

Dr fouzia

6854 कविताएं

View Profile