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सशक्त बनेगा हिंदुस्तान

Sooba Lal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जिस देश की नींव में शिक्षा है,वह देश सदा ही बढ़ता है।
        
                                                    
                            
ज्ञान जहाँ दीपक बन जाए,अंधियारा खुद हटता है।
विद्यालय कोई भवन नहीं है, यह राष्ट्र निर्माण के मंदिर हैं।
इनमें पलते सपने कल के,ये देश के भाग्य का परम वीर हैं।

कहीं किताबों की कमियां हैं ,कहीं पे शिक्षक की है कमी।
कितने जीर्ण क्षीण विद्यालय,कितनों में शौचालय ही नहीं।
कितने लेकर डिग्री को हाथ में,गली गली हैं भटक रहे,
सुविधा साधन के अभाव में बच्चे अपने ही लक्ष्य हट रहे।

शिक्षा तकनीकी ज्ञान से और व्यावहारिकता से परिपूर्ण रहे,
शिक्षा ऐसी प्रारंभ से हो कि कोई रोज़गार से न दूर रहे।
सच्चाई, श्रम और मानवता का नित पाठ पढ़ाया भी जाए।
समता के भाव से शिक्षा का उपयोग भी हर करता जाए।

हर गांव की छोटी गलियों से शहरों तक शिक्षा साधन हो
किसी का सपना रह न जाय,हर विद्यालय में प्रसाधन हो।
जिस बच्चे में प्रतिभा दिखता हो,पंख न उसके काटे जाएँ,
संसाधन चाहे कम हों लेकिन,अवसर सबको बराबर पाएँ।

शिक्षक राष्ट्र निर्माता बनकर,अपना धर्म निभाएँ फिर।
विद्यार्थी केवल अंक न गिनें,ज्ञान का अर्थ भी समझें फिर।
प्रश्न सभी कोई पूंछ सके ,नई सोचों को सम्मान मिले,
जो कल दुनिया बदल सके,ऐसे हाथों को ज्ञान मिले।

खेतों में विज्ञान उतरेगा,कारखानों में कौशल आएगा,
ज्ञान अगर जन-जन तक पहुँचा,हर भारतवासी आगे जाएगा।
अनुसंधान के दीप जलें और,नई खोज का दौर चले,
भारत का दुनिया में,अपने ज्ञान का फिर परचम फहरे।

आज यदि शिक्षा सुधरी,कल का फिर भारत बदलेगा।
जिस हाथ में होगी कलम ज्ञान की,देश का भाग्य भी लिख देगा।
शिक्षा ही विकास की शक्ति है,शिक्षा ही भारत की पहचान।
शिक्षित होगा देश हमारा,सशक्त बनेगा हिंदुस्तान—
-सूबा लाल "अंजाना"
14 घंटे पहले
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