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नारीत्व

Sneha dixit

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            इतिहासों को बस पढ़ना नहीं
        
                                                    
                            
बनना है तो एक नई मिसाल बनो,
लघुता का उदाहरण तुम देना नहीं
बनना है तो विस्तार बनो,
धैर्य विवेक और शील माना तुम्हारा गहना है
पर बात आए अगर सम्मान की तो
तुमको चुप नहीं रहना है,
गंदे स्पर्श तुम्हें कोई कर ना पाए
काट के उसके हाथों को
अपने खून में तुम रवानी रखना,
कर ना पाना अगर तुम कुछ
तो याद पद्मावती की कहानी रखना,
शौर्य और वीरता की तुम अब पहचान बनो
छोड़ हाथ मेहंदी के अब तुम
रानी लक्ष्मीबाई का सम्मान बनो,
अबला हूं मैं ?
अब यह दोष नहीं है
कायरता का प्रमाण अब ना देना तुम,
जीवन के इस महाभारत में
अपना रथ खुद थाम लेना तुम,
गगन सी गर्जना है तुम में
नभ से भी तुम भारी हो,
याद रखना मेरी इस बात को
तुम शक्तिशाली एक नारी हो!!!!!

- स्नेहा
2 वर्ष पहले
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