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आज की मोनालिसा

Shashank Misra

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            प्रयाग महाकुम्भ में
        
                                                    
                            
एक मोनालिसा छाई
उससे कहीं अधिक
आंखों में गहराई,
सोशल मीडिया में
चर्चा ही चर्चा
भारत के हृदय राज्य
स्वच्छतम नगर
इन्दौर की बेटी
थी तो माला बेचने आई,
पर उसकी आँखों ने
अपने अप्रतिम सौंदर्य
जनमन तक प्रसिद्ध
हर हाथ पहुंचाई,
याद चित्रकार
निहालचंद की जिनसे
बनी ठनी कला
कभी मोनालिसा
थी कहाई,
विश्व इतिहास में
कई मोनालिसा
भोजपुरी अभिनेत्री
तो एक पढाई लिखाई
से दूर व्यापार हित
अपनी न्यारी आकर्षक
आंखों से आज
आम से असाधारण
बनकर हर हृदय
पहुंच बनाई,
बस यह पहचान
कहीं खो न जाए
इसको इसका
अस्तित्व से
व्यकित्व की ओर
जाने का अवसर
मिले,
जितनी आंखों के
सौंदर्य की गहराई
उतनी ही अधिक
जीवन के हर क्षेत्र में
सफलता की
ऊंचाई मिले,
सार्थकता होगी
तभी आजकल
की वायरल
संस्कृति मीडिया
माध्यम
साध्य साधन और साधना की
आज की मोनालिसा की।
एक वर्ष पहले
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