जब उसकी आंखों से
ये राज़ मालूम हुआ
कि अब उसे किसी और का इंतजार है
मैं रोया, अश्क पौंछे
और शहर छोड़ दिया
उसकी खुशियों के लिए ।
-सत्यपाल सिंह