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उसकी खुशियों के लिए

Satyapal Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब उसकी आंखों से
        
                                                    
                            
ये राज़ मालूम हुआ
कि अब उसे किसी और का इंतजार है
मैं रोया, अश्क पौंछे
और शहर छोड़ दिया
उसकी खुशियों के लिए ।
-सत्यपाल सिंह
3 महीने पहले
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