खुली आँखों से तेरे दीदार का हक़
किसी गैर ने मुझसे छीना तो क्या ।
बंद आखो से तुझे देखने का हक़
मुझसे कोई छीने, मुमकिन नहीं ।।
-सत्यपाल सिंह