मुझे तो एहसास है मेरे फ़र्ज़ का
तू भी फ़र्ज़-ए-मंसबी को निभा ।
मुझे यकीं है फिर तुझे
कोई शिकायत न होगी मुझसे ।।
-सत्यपाल सिंह