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इजहार-ए-ख्याल

Satyapal Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            दर्द में हाथ थामने वाले
        
                                                    
                            
दूर तक साथ चलते हैं ।
मदहोशी में संग ठुमकने वाले
रोज मधुशाला बदलते हैं ।।
-सत्यपाल सिंह
5 महीने पहले
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