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इन्सान की फ़ितरत

Satyapal Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            राह में लोग हजारों मिले
        
                                                    
                            
नजर मगर किसी से न मिली ।
नजर चुराने की इन्सान की
मानो फ़ितरत ही बन गई ।
3 वर्ष पहले
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