विज्ञापन

दुआ कर ऐ दिल

Satyapal Singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            माना कि छीनी है, ऐ दिल !
        
                                                    
                            
मेरी रातों की नींद उसने ।
तू दुआ कर उसकी नींद में
कभी कोई ख़लल ना पड़े ।।
-सत्यपाल सिंह
3 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Updesh Kumar

12470 कविताएं

View Profile

Ramesh Raj

25 कविताएं

View Profile