मत भूलो मां-बाप को I
भूलो अपने आप को,
मत भूलो मां-बाप को I
तत्पर प्रतिक्षण वरदहस्त हैं,
संतति के हित हेतु व्यस्त हैं,
विस्मृत कर निज ताप को,
मत भूलो मां-बाप को I
पी जाते दुःख रूप हलाहल,
देते अपने पुण्यों का फल,
हर लेते हर पाप को,
मत भूलो मां-बाप को I
हम करते गलतियां अनगिनत,
फिर भी रहते हैं वे उद्यत,
हमसे मेल-मिलाप को,
मत भूलो मां-बाप को I
उन पर अत्याचार न करना,
कृपण सरिस व्यवहार न करना,
विवश न कभी विलाप को,
मत भूलो मां-बाप को I
ईश्वर पूजा नहीं जरूरी,
उनकी छूट मिली है पूरी,
इनकी माला जाप को,
मत भूलो मां-बाप को I
जब भी होंगे तुम संकट में,
पाओगे बस इन्हें निकट में,
रक्षा-सेवा-धाप को,
मत भूलो मां-बाप को I
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