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मेरी जिन्दगी है तुम्हारा प्यार

साहित्यकार आदित्य मिश्रा

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आदित्य ले आना बस काली मोतियों से पिरोया हुआ काला धागा,
        
                                                    
                            
मैं (रागिनी) ठुकरा दूँगी सोने का वो महँगा हार,
और यूँ ही लुटाती रहूँगी तुम पर उम्रभर अपना प्यार।

तुम अगर ले आओ वो रंग-बिरंगी काँच की चूड़ियाँ,
तो मैं ठुकरा दूँगी सोने के वो भारी कंगन,
पहनकर वो चूड़ियाँ खनकाऊँगी
सिर्फ़ तुम्हारे घर का आँगन।

न चाहिए मुझे दौलत, न गहनों का श्रृंगार,
बस तुम्हारे हाथों से मिला हो हर छोटा-सा उपहार।
तुम्हारे नाम की सादगी में ही मेरा सोलह श्रृंगार हो,
तुम साथ रहो तो हर मौसम मेरे लिए प्यार हो।
-आदित्य मिश्रा
 
2 घंटे पहले
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