भाषा सुंदर हिंदी प्यारी।
सकल विश्व में सबसे न्यारी॥
वर्णमाल से शब्द बनाते।
व्याकरण के नियम सिखाते॥
संज्ञा सर्वनाम गुण गाते।
विशेषण विशेषता बतलाते॥
क्रिया काम का बोध कराती।
काल चक्र की राह दिखाती॥
संधि और समास सजाते।
शब्दों का शृंगार बढ़ाते॥
शुद्ध रूप जो नियम सिखाए।
वह व्याकरण मन को भाए॥
— रोहित शर्मा भारद्वाज 'नादिर'