विज्ञापन

माँ से ममता

rohit saini

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            रब ने बनाया है,
        
                                                    
                            
उसका नमन कर
जो तूने अपने अन्दर समाया है,
वो तुम्हारा रहम है
उस माँ ने तुमको जन्मा। है,
जो तुम्हारी क़िस्मत है
जिसने तुमको इस काबिल बनाया है,
यह तुम्हारी क़िस्मत है
माँ को गले लगा कर,
रोया है तू
माँ की ममता मैं समाया है
लोरी की मधुर गीत सुनकर,
खो जाते है हम
बिना लोरी सुने ,
सोए नही हम
ममता की जलक बोहत सुंदर है,
ममता का प्यार उससे भी सुंदर है
क़िस्मत वाले है जो पाया है यह प्यार,
इसलिए करते है माँ का समान
यू खुद पर कभी एतबार ना कर,
माटी मैं मिल जायेगा
जब समय आयेगा अकेला पड़ जायेगा
लेकिन होगा माँ का साथ,
तो हर मुश्किल की होगी हार.
मेरी माँ से ही ममता है
मेरी माँ का प्यार.
2 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Ramesh Raj

25 कविताएं

View Profile

Junaid Ahmad

5 कविताएं

View Profile

Sooba Lal

1 कविता

View Profile

nutan Kumari

14 कविताएं

View Profile