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बात कुछ प्यारी तेरी

RATAN KUMAR

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            वक़्त बदलेगा, बदल जाएँगे चेहरे भी बहुत,
        
                                                    
                            
दिल में लेकिन रह जाएगी बात कुछ प्यारी तेरी।

मैं नहीं हूँगा तो शायद याद आएगी तुम्हें,
किस तरह हँसकर गुज़रती थी ये दुनिया सारी मेरी।

दर्द बाँटे थे, ख़ुशी बाँटी, कई रातें कटीं,
याद आएगी तुम्हें वो हर घड़ी, हर बारी मेरी।

जो भी रिश्ते थे हमारे, वो फ़क़त रिश्ते न थे,
ज़िंदगी की धूप में थी छाँव बन यारी मेरी।

कौन जाने फिर कहाँ हों, किस जगह हों हम मगर,
महफ़िलों में गूँजती रहेगी सदा यारी तेरी।
-रतन कुमार कैथवास
एक घंटा पहले
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