सहज होती गयी राहें ,
सफर कटता चला गया,
मुझे तुम मिल गये थे तो,
सब मिलता चला गया।
ये तेरा साथ है,तो हूँ मैं,
हाथों में हाथ है, तो हूँ मैं,
सितारे जगमगा उठ्ठे,
फूल खिलता चला गया।
आये छांव भी ,धूप भी,
दिखाये रंग भी ,रूप भी,
मगर हम संग चलते रहे,
धुन्ध फटता चला गया।
जो मुश्किलें सामने आए,
एक-दूसरे को थामनें आए,
कसैले , तीखे मीठे स्वाद
भले समय रखता चला गया।