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नेताजी बिन सोचे समझे बैठ जाते हैं धरने पर

Ramjeet pal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            न शोक प्रकट करते हैं ना इनको तनिक चिंता है गरीब जनता के नंगे भूखे मरने पर,
        
                                                    
                            
और ना ही तनिक इनको लज्जा है चुनाव में किए गए वादों से बार-बार मुकरने पर,
इनको तो केवल जहां कहीं सरकार के विरोध में अपनी राजनीति का थोड़ा बहुत फायदा दिखे,
बस वहीं पर बैठ जाते हैं नेताजी अपने साथियों के साथ बिन सोचे समझे धरने पर|
-मनस्व
2 महीने पहले
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