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नक़्क़ार-ख़ाने में तूती

Rajiv Tyagi

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अपने 'घर' को अपने घर की तरह
        
                                                    
                            
सजाए रखिये,
ख़ुद से किये गए वायदे ख़ुद से
निभाए रखिये,
तनकर चला करें अकड़े हुओं की
जमात में,
इस नक़्क़ार-ख़ाने में अपनी भी तूती
बजाए रखिये.

सैलाब से बचने को घोसला हो ऊंचा,
हवाओं से ओट रखिये,
चूज़ों को ज़रुरत होगी दानों की,
खेतों पे नज़रें जमाए रखिये,
बहुत से गोश्तख़ोर ज़िंदा मांस भी
नोचते हैं,
हमलावरों के हमले का जवाब देना होगा,
चोंच को अपनी पैनाए रखिये.

 
2 घंटे पहले
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