जब कोई ना हो साथ तुम्हारे
तुम छिपे अपमानों को रोक नही सको
जब तुम्हारे नाम और काम दोनों मिटता दिखे
सारे बातों को भूल सब्र करो
और निकाल पड़ो जहां तुम्हें वक़्त मिलने की आशा हो
हर जगह वक़्त भी तुम्हारे पीछे होगा
ये सोचो की तुम वो नही,अब तुम खुद हो
एक दिन वो आदमी तुमसे मिलेगा जो....
खुद को सफल बोला था
उस दिन कोई एक नही , एक पर एक होंगे॥
पर ये भी याद रखना दर्द को भूलना नही ....
कोई ....कहता है डर आगे जीत है
पर हम जेसों के पास दर्द आगे प्रीत है ...