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जब कोई ना हो साथ तुम्हारे

Rajeev Mishra

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब कोई ना हो साथ तुम्हारे
        
                                                    
                            
तुम छिपे अपमानों को रोक नही सको
जब तुम्हारे नाम और काम दोनों मिटता दिखे
सारे बातों को भूल सब्र करो
और निकाल पड़ो जहां तुम्हें वक़्त मिलने की आशा हो
हर जगह वक़्त भी तुम्हारे पीछे होगा
ये सोचो की तुम वो नही,अब तुम खुद हो
एक दिन वो आदमी तुमसे मिलेगा जो....
खुद को सफल बोला था
उस दिन कोई एक नही , एक पर एक होंगे॥
पर ये भी याद रखना दर्द को भूलना नही ....
कोई ....कहता है डर आगे जीत है
पर हम जेसों के पास दर्द आगे प्रीत है ...
एक महीने पहले
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