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मजबूरी नहीं, मेरा चुनाव

Rajani Shakyawar

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मजबूरी नहीं, मेरा चुनाव
        
                                                    
                            

जिस इंसान के पास विकल्प था,
फिर भी वह गया नहीं,
जिसने प्रेम के सिवा
तुमसे कुछ माँगा नहीं।

वह किसी पर निर्भर नहीं था,
विकल्प होने के बाद भी बदला नहीं,
तो समझो यह उसकी मजबूरी नहीं,
उसका अपना चुनाव था।

वह लालची नहीं था,
जो मिल सकता था उसे ठुकरा गया,
वह साहसी था—
जिसे प्रेम मिला, उसी के साथ ठहर गया।

हर ठहर जाना कमजोरी नहीं होता,
कभी-कभी यह इंसान की ताकत होती है,
क्योंकि विकल्प होते हुए भी
किसी एक को चुनना ही सच्ची मोहब्बत होती है।

- रजनी
एक दिन पहले
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