आत्मा
जब आत्मा भौतिक नहीं,
तो भौतिक देह में कैसे समा सकती है?
जो दिखाई नहीं देती,
उसे किसी शरीर की सीमा
कैसे बाँध सकती है?
आत्मा न भौतिक है,
न ही किसी भौतिक शरीर में समा सकती है,
वह तो उस सत्य की अनुभूति है
जिसे न छुआ जा सकता है,
न देखा जा सकता है।
देह मिट्टी से बनी है,
मिट्टी में ही मिल जाएगी,
पर आत्मा को देह की कैद में रखना
शायद हमारी ही बनाई हुई कल्पना है।
— रजनी