बालों को
हेअरकट की ज़रूरत
थोड़े कम,
हम बन जाएं बदसूरत
दाढ़ी भी
क्लीन करवा लेंगे
मूँछ भी
सेट करवा लेंगे
ऐसे जाएं...
पेपर देने हम
सिलसिला ये
होगा खतम कब?
प्यास में, तो पुराना,
गुड़ गोबर कर आए :(
शराबी, कहां
जल्दी सोबर हो पाए
दिल्लगी...
कहते हैं जिसे
अब हर बात...
क्या लिखें
खिलौना बनने की
उमर निकल गई है
प्यार करने की
कभी गलती कर ली है
मुझसे, बस, कविताएं लिखवा लो
'राहुल भाई, कहीं अपने को दिखवा लो!'
चलो,
फिकर ही समझता हूं इसे...
अब क्या हर चीज़ में
उपहास ढूंढें
जमी रूह को
आप थोड़ा हांथ लगा दें?
हम सुकूँ को
दोजख खतम होते ही पा लेंगे
कुछ चीज़ों के वजह से...
ये नाम देने का दिल करे...