विज्ञापन

सेल्फ...

Anonymous User

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जो हुआ
        
                                                    
                            
उसे भूल जाओ राहुल

वैसे भी, अभी की ही घड़ियों...
तक तेरी पहुंच

अब,
इतना भी सवालिया नहीं

भगवान के सामने होओ!

छोड़
के सारी चिंता विंता...

मस्त बाग उद्यान में घूमो

तू ही ज़्यादा
सोच रहा है!

कुछ नहीं
सच में, कुछ नहीं हुआ है

अकेलेपन का
मुद्दा ही नहीं इस समय

अब जाके तो तू
जुड़ा है ख़ुद से...



.
2 महीने पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Manju Sharma

3561 कविताएं

View Profile