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विकारों से... बेहाल हो के... क्या मिलना है?

Anonymous User

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            बस, मैं पलट के
        
                                                    
                            
जवाब ना दूं

ना अपनी सोचों का
भाला घोंपूं

हाल फिलहाल
की हार का

क्या, मलाल करना है?

कुछ बाहर के,
कुछ भीतर के

विकारों से... बेहाल हो के... क्या मिलना है?

हां, कुछ,
हासिल नहीं किया अभी 

अभी भी है
वैसी ज़बां सिली

बहुत
छोटे

लक्ष्य
पा लूं...

सब
भूलके...

मस्त
सोऊं :)

हम,
लेटलतीफी वाले हैं!

इस बीच...
थोड़ी शरीफी कमाए हैं

थोड़ी लिखाई बैठाए हैं
-राहुल
एक महीने पहले
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