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कितना गिर गया इंसान

Rabindra Aman

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            अगर ज़रूरत पड़े तो ले ले किसी की जान
        
                                                    
                            
यह लिखते हुए दुख होता है,
और यह कहते हुए खुद का गिरा होने का होता है एहसास कि
कितना गिर गया आज का इंसान
कहीं से कुछ पाना हो, कहीं से कुछ लेना हो ,
हर पल रहती है उसको इसकी तलाश ,
अगर किसी को कुछ देना हो तो ,
कुछ नहीं है उसके पास

रविन्द्र अमन
8 घंटे पहले
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