अगर ज़रूरत पड़े तो ले ले किसी की जान
यह लिखते हुए दुख होता है,
और यह कहते हुए खुद का गिरा होने का होता है एहसास कि
कितना गिर गया आज का इंसान
कहीं से कुछ पाना हो, कहीं से कुछ लेना हो ,
हर पल रहती है उसको इसकी तलाश ,
अगर किसी को कुछ देना हो तो ,
कुछ नहीं है उसके पास
रविन्द्र अमन