विज्ञापन

माँ की ममता

Pushpa sahu

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            माँ की ममता का कोई मोल नहीं
        
                                                    
                            
माँ के जैसा कोई भी अनमोल नहीं

माँ के जैसी खुशबू नहीं किसी गुलाब में
माँ के जैसा कोई फूल नहीं किसी बाग में

माँ सबसे नायाब बेशकीमती नगीना है
माँ के बिना जीना भी क्या जीना है

माँ के आंचल में भरी है निर्मल ममता
सब कुछ सहने की रखती है जो क्षमता

माँ जैसा दुनिया में कोई और किरदार नहीं
माँ की ममता और माँ के जैसा कहीं प्यार नहीं

कोई देवी कोई ममता की मूरत है
माँ के रूप में नजर आती ईश्वर की सूरत है

किसी वरदान किसी उपहार जैसी है
मेरी माँ मेरे लिए मेरे भगवान जैसी है

पुष्पा साहू ( मीरा )
प्रयाग राज उत्तर प्रदेश
2 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

Shivam Awasthi

3 कविताएं

View Profile

Milan Thakur

5 कविताएं

View Profile