झोंके ! कितना बेमुरौव्वत है तू !
हाँ , और क्या यार !
उड़ा डाले वसन और आशियाँ !
याद है कहा था तुझे ज़िगरी
मैंने उस दिन ,
और फिर , आज दिन ढले
हुआ क्या !
अरे , अरे ,सुनो
बदल जाता है सब कुछ
क्या तुम नहीं ?
हैरत , परेशानी… और भी …