गुजरती है हर रात मेरी पिछली रातों की तरह मिला न साथ तेरा कभी पिछले वादों की तरह
होकर मजबूर तमन्ना हम मिटाने लगे गलत नही मेरे दिल में ही है अंधेरा गुजरे रातों की तरह
तू कैसा दरिया जो प्यासा है गुजरा जो हादसा अभी अभी भूल गया पिछले वादों की तरह
मिल न सकेगा दिल से कभी है यकीं मुझे शायद तू भी मुझे भुला देगा पिछले यादों की तरह
बहुत दर्द दिया तूने मेरे दिल को गजब तो ये सामने खड़ा हूं भुला दिया पिछले रातों की तरह