विज्ञापन

मेरे प्राण प्रिय

Prachi Shukla

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            आपका घर आना जरूरी है, कमा के ही घर आना जरूरी नहीं। माना की आपका कामयाब होना जरूरी है, लेकिन खुद की खुशियां गवा कर तो नहीं।
        
                                                    
                            
नहीं जरूरी सारी जिम्मेदारी और बोझ को अकेले उठाना, अपनी तकलीफ दर्द मुझे बताना भी तो जरूरी है।
तुम भी इंसान हो थक सकते हो, हर बार खुद को इतना मजबूत दिखाना भी जरूरी नहीं।
तुम सिर्फ घर की उम्मीद नहीं, मेरी मुस्कान मेरी जिंदगी मेरी दुनिया भी हो, इसलिए नहीं जरूरी खुद को भूल जाना,
तुम्हारा अपना खुद का ख्याल रखना भी जरूरी है।
तुम्हारा घर आना जरूरी है कमा के ही घर आना जरूरी नहीं।
जीवन संगिनी का मतलब ही जिंदगी भर साथ रहना है जब सुख का समय हो सिर्फ तब तक तो नहीं।
आपका घर आना जरूरी है कमा कर ही घर आना जरूरी नहीं।
 
2 घंटे पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

विजय कुमार

171 कविताएं

View Profile