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संस्कृति की प्रहरी मातृभाषा

Powari Bhasha

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            मातृभाषा पोवारी की
        
                                                    
                            
मधुर मिठी रुमझुम स्वरलहरी से।
मातृभाषा पोवारी,
पोवारी संस्कृति की शाश्वत प्रहरी से।।

मातृभाषा पोवारी की
सबको कानों ला प्रिय स्वरलहरी से।
मातृभाषा पोवारी,
पोवारी संस्कृति की शाश्वत प्रहरी से।।

मातृभाषा पोवारी मा
समाज को एकता की शक्ति भरी से।
मातृभाषा पोवारी,
समाज को एकता की शाश्वत प्रहरी से।।

पोवारी संस्कृति को अस्तित्व
मातृभाषा पोवारी से जीवंत तबवरि से।
मातृभाषा पोवारी,
पोवारी संस्कृति की शाश्वत प्रहरी से।।

दुनिया मा हर संस्कृति
मातृभाषा की मृत्यु को कारण मरी से।
मातृभाषा पोवारी,
पोवारी संस्कृति की शाश्वत प्रहरी से।।

पोवारी संस्कृति
पोवारी भाषा को कारण हरी भरी से ।
मातृभाषा पोवारी,
पोवारी संस्कृति की शाश्वत प्रहरी से।।

भारत की सेना
पूण्यभूमि भारत की शाश्वत प्रहरी से।
मातृभाषा पोवारी,
पोवारी संस्कृति की शाश्वत प्रहरी से।।

-ओ सी पटले
2 महीने पहले
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