ना जाने कितने वीरों ने अपनी दी कुर्बानी है
देखो तभी तो साफ़ है बहता वतन में हमारे पानी है…
ना जाने कितने वीरों ने अपनी जान गँवाई है
तभी तो बेख़ौफ़ है रहते हम सब भाई हैं…
ना जाने कितने वीर,सीमा पर पहरा देते हैं
तभी तो हम अपने वतन में, चैन की साँसे लेते है
मत भूलो वीरों की गाथा,जिनको पड़ी सुनाई है
अपने बच्चे का इंतज़ार करती देश में,वो फ़ौलादों की माई हैं..
ना जाने आजादी के लिए कितने वीर कुर्बान हुए
आजादी की लड़ाई में इस झण्डे की शान हुए…
शीश झुकाते हैं हम उनको जो बड़ी हिम्मतवालें है,
धरती माता के वीर सपूत वो सबकी आँखो के तारे हैं …
-पूनम बंसल