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मेरा वतन

Poonam milap bansal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            ना जाने कितने वीरों ने अपनी दी कुर्बानी है
        
                                                    
                            
देखो तभी तो साफ़ है बहता वतन में हमारे पानी है…
ना जाने कितने वीरों ने अपनी जान गँवाई है
तभी तो बेख़ौफ़ है रहते हम सब भाई हैं…
ना जाने कितने वीर,सीमा पर पहरा देते हैं
तभी तो हम अपने वतन में, चैन की साँसे लेते है
मत भूलो वीरों की गाथा,जिनको पड़ी सुनाई है
अपने बच्चे का इंतज़ार करती देश में,वो फ़ौलादों की माई हैं..
ना जाने आजादी के लिए कितने वीर कुर्बान हुए
आजादी की लड़ाई में इस झण्डे की शान हुए…
शीश झुकाते हैं हम उनको जो बड़ी हिम्मतवालें है,
धरती माता के वीर सपूत वो सबकी आँखो के तारे हैं …
-पूनम बंसल
20 घंटे पहले
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