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रिश्ता खिलखिला उठा है

pankhuri singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            उम्मीदों के बोझ तले रिश्ता
        
                                                    
                            
मुरझा सा गया था
जब से उम्मीदें छोड़ी है
रिश्ता फिर खिलखिला उठा है
 -सरिता सिंह
4 घंटे पहले
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Deepak Sharma

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