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खुशियों के बीते पल फिर एक बार जी लेते

pankhuri singh

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            उम्र तो बस बढ़ना ही जाने
        
                                                    
                            
वापसी का रुख तो सीखा ही नहीं
काश ! सीखा होता ??
तो पहुंच अपने माजी में
अपनी गलतियों को सुधार लेते
जो रुठे उन्हें मना लेते
जो चले गए उन्हें वापिस बुला पाते
अपने बचपन में पहुंच फिर बच्चे बन जाते
खुशियों के बीते पल फिर एक बार जी लेते
जो न कर पाए वो हासिल कर पाते
उम्र का क्या वो तो बस बढ़ना ही जाने
ख्यालों में ही सही उम्र को
वापसी का रुख दिखा ही दिया
 -सरिता सिंह
4 घंटे पहले
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