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खुशियों के बीते पल फिर एक बार जी लेते

pankhuri singh

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                            उम्र तो बस बढ़ना ही जाने
        
                                                    
                            
वापसी का रुख तो सीखा ही नहीं
काश ! सीखा होता ??
तो पहुंच अपने माजी में
अपनी गलतियों को सुधार लेते
जो रुठे उन्हें मना लेते
जो चले गए उन्हें वापिस बुला पाते
अपने बचपन में पहुंच फिर बच्चे बन जाते
खुशियों के बीते पल फिर एक बार जी लेते
जो न कर पाए वो हासिल कर पाते
उम्र का क्या वो तो बस बढ़ना ही जाने
ख्यालों में ही सही उम्र को
वापसी का रुख दिखा ही दिया
 -सरिता सिंह
एक महीने पहले
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