जो गुजरी है मुझ पर,
वो किसी पर ना गुजरे।
सबको आजमाकर देख लिया मैने,
सुना अनसुना करते हैं,
अपने मद में मस्त हैं वो लोग !
पैसा बात को या स्वाद को,
सबके हो रहे हैं मुजरे।
-चंद्र दत्त शर्मा