विज्ञापन

सच शायरी

Om Gopal

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            जब से मैं सच बोलने लगा हूॅं ।
        
                                                    
                            
अपनों की आंखों में ही रड़कने लगा हूं।।
कुछ ऐसे भी है लेकिन जिनके सीनों में।
मैं दिल बनकर धड़कने लगा हूं।।
 
2 वर्ष पहले
विज्ञापन

विशेष

आज के शीर्ष कवि Show all

dinesh chauhan

3544 कविताएं

View Profile

Manoj Kumar

420 कविताएं

View Profile