एक ख्वाब एक ख्वाब देखा है जो बहुत हसीन है,
सिर पे आसमान और पैरों के नीचे ज़मीं है
बेपरवाही बहुत अच्छी है यारो
बेफिक्र जिंदगी की राहें बड़ी रंगीन हैं
क्या खोया क्या पाया हमने यहां
इसी कशमकश में खुशियां गमसीन है
हम बुलंदियों को छू जाएं
ऐसा हुनर रखते हैं
अभी वक्त हमारा हमसे उदासीन है।।
-ममता अत्रि