भाषा के चुनाव में,
सभी किस्मत आज़माए ।
अंग्रेज़ी सबको लगे न्यारी,
हिन्दी समझ न आए ।
अंग्रेज़ी में लगे फीलिंग प्यारी
हिन्दी में लगे मुश्किल सारी ।
कैसे भारतीय बने हम सब,
मात्र भाषा को ठुकराए ।
आइए चलिए इस वहम को,
हम सब ठुकराए, कि
अंग्रेज़ी में इंसान लगे समझदार
हिन्दी में रट्टू तोता कहलाए।
-नितेश बजाज
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