मैं खुशी नही...हर गम लिखता हूँ
अपने बारे कुछ नही
तेरे बारे में हर लफ्ज़ लिखता हूँ
कहीं भीग ना जाये तेरी पलकें
मेरे अल्फाज़ों को पढ़के
बस यही सोचकर थोड़ा कम लिखता हूँ ।