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खामोशी के बीच में ।

NIHALIKA K

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            खामोशी के बीच में
        
                                                    
                            
बस एक आवाज़
टिप-टिप-टिप-टिप
बारिश की बूँद की
छनछनाहट से
सारा माहौल गूँज उठा ।
मस्त सर्द हवाएँ
खिलखिलाते फूल, मनमोहन मिट्टी
पेड़ों की पत्तियां और
चारों ओर हरियाली ।
इस बीच
एक नन्ही गिलहरी
अकेली, तन्हा
आँखों में एक उम्मीद-सी
दुनिया की ठोकर खाकर
अब जिंदगी जीना सीख लिया
पकड़ लिया प्रकृति का हाथ
झूमने लगी उसके साथ ।
2 घंटे पहले
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