सामने वाले के दिमाग़ की खिड़कियां खुली है कि नहीं पहले यह जान लीजिए
उसके बाद ही मौसम के मिज़ाज पर उससे तर्क और बहस करना शुरू कीजिए
-एन आर कस्वाँ