वक्त उतना खराब नहीं धा जितना किस्मत खराब थी
खुशनुमा दिन अपने मोहब्बत के सोहबत में बीत रही थी
वक्त खुशनुमा था, मोहब्बत परवान चढ़ रही थी
उसी वक्त मेरी मोहब्बत- ए -परी आसमां में उड़ रही थी