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वफ़ा

MOHD TASVIRUL ISLAM

Mere Alfaz
                                    
                                                                        
                            किसी के साथ चलने पर वफ़ा जब दूर जाती है
        
                                                    
                            
कमी हो गर किसी मे भी, मुहब्बत टूट जाती है
इरादे नेक ही चाहिए मुहब्बत के फसाने में
साथी गर सही ना हो, मुहब्बत खूब रूलाती है


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6 वर्ष पहले
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