सच है कि इस दुनिया से, जाना है एक दिन
जीवन की अभिलाषा का, मिट जाना है एक दिन
जीता है इंसान यहाँ पर, मरने की खातिर
घड़ी की सुईयां अपना टाइम, गिनती हैं हर दिन
काम करो मानुस तुम अच्छे , ये दुनिया बेगानी है
दिल से देते रहो दुआयें , कब जाये पल छिन
याद रखो ये जीवन अपना , उस ईश्वर की रहमत है
उसकी मर्जी के बगैर , कुछ होता नहीं एक दिन
तुम ठहरे अदने इंसान, रह ना भरम में वो इंसान
मेरा खुदा है सबसे आला, सबसे सच्चा और महान
मोहम्मद तस्वीरूल इस्लाम
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